दीनू और मंगल बचपन के दोस्त थे. बढ़ती उम्र के साथ ये दोस्ती और भी गहरी होती गयी. और इसकी बड़ी वजह शायद उनका काम भी था – चोरी. दोनों शातिर चोर बन चुके थे. जिस चीज पर भी नजर लगी फिर उस पर उन्हें हाथ तो साफ करना ही था. चोरी में दोनों की सोच इस कदर मिलती कि एक जिस टारगेट के बारे में सोचता, उसी वक्त दूसरा उसे अंजाम देने के तरीके तैयार कर रहा होता.

बिहार वाली वो खबर तो तुमने भी पढ़ी ही थी. वो कुत्ता अपनी बीवी को इसलिए बेचने जा रहा था क्योंकि वो बहुत सुंदर थी. भई वाह! बीवी खूबसूरत हो तो कोठे बेच देंगे, बदसूरत हो तो घर से बाहर खदेड़ देंगे… वाह. बीवी खूबसूरत हो तो कोठे पर बेचे देंगे, खूबसूरत न हो तो खुद कोठे कोठे घूमते फिरेंगे.

पति बाथरूम में होते हैं. तभी कॉल आती है. शॉवर की आवाज में रिंग सुनाई नहीं दे रहा. पत्नी के तेज आवाज में बताने पर भी.

पत्नी – अजी सुनते हो! तुम्हारा फोन घनघना रहा है.

पति – क्या भनभना रहा है?

पति – मेरा माथा झनझना रहा है. सुनते हैं नहीं और…
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“ममा, मेरे को एक ट्रिप पे जाना है, आपकी परमिशन तो है?”

“हां-हां ठीक है, लेकिन… ”

“…लेकिन क्या ममा कोई प्रॉब्लम है? तो नहीं जाते हैं!”

“अरे वो बड़ी वाली दीदी तुमसे मिलने आ रही हैं.”

“ठीक है ममा नहीं जाती हूं. इसमें क्या है! बाद में चले जाएंगे.”

“थैंक्यू बेटा!”

“क्या ममा! आप भी! आखिर मौसी मिलने तो मुझसे ही आ रही हैं ना.”

[शाम को. डोर बेल बजती है. गेस्ट अंदर आते हैं. महिला कुछ घबराई हुई सी उसके रूम में जाती हैं.]

“वो तुम्हें जाना था न. तुम निकल जाओ. नाहक ही मैंने तुम्हें रोक लिया. पता नहीं मेरे दिमाग को क्या हो गया था.”

“लेकिन ममा…”

“लेकिन वेकिन छोड़… दीदी की चिंता मत कर. मैं उनसे बात कर लूंगी. तू बस जा… चली जा अभी बस…”

“पर हुआ क्या ममा?

घरवालों ने अपनी तरफ से भरोसा दिलाने की कोशिश की – “चलो ठीक है, मान कर चलो कि लड़की बिलकुल गोरी ही होगी.”

सुनते ही वो ऐसे रिएक्ट किया कि सभी एक दूसरे का मुंह देखते रह गये. लोग बिलकुल गोरी चिट्टी लड़की तलाश रहे थे, लेकिन उसकी तो पसंद कुछ और ही निकली.

“ये किसने कहा कि लड़की गोरी ही होनी चाहिये?”

“फिर!” सभी एक साथ चौंक पड़े थे.